टीम इंडिया T20I क्रिकेट में वर्ल्ड चैंपियन है। इसी साल टीम इंडिया ने सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में खिताब जीता था। भारत ने लगातार दूसरी बार T20 वर्ल्ड कप अपने नाम किया था। टीम इंडिया को खिताब जीते हुए अभी पूरे 3 महीने भी नहीं हुए हैं और वर्ल्ड चैंपियन टीम को आयरलैंड में बहुत ही शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा है।
दोनों मैंचों में टीम इंडिया को मिली हार
भारतीय टीम ने T20I सीरीज में आयरलैंड की कमजोर टीम के सामने घुटने टेक दिए। पहले मैच में आयरलैंड ने टीम इंडिया को 34 रनों से हराकर बड़ा उलटफेर किया। वहीं, दूसरे मैच में आयरलैंड ने टीम इंडिया को सिर्फ 1 रन से हराकर 2 मैचों की सीरीज 2-0 से अपने नाम करते हुए नया इतिहास रच दिया। इस करारी शिकस्त के बाद टीम इंडिया की जमकर आलोचन हो रहा है। पूर्व भारतीय क्रिकेटर रविचंद्रन अश्विन ने भी भारतीय खिलाड़ियों की जमकर क्लास लगाई है।
अश्विन का मानना है कि यह हार कोई हैरानी की बात नहीं, बल्कि असलियत का एहसास कराने वाली थी। उनके मुताबिक, भारतीय बल्लेबाज IPL की 24 कैरेट बैटिंग पिचों के आदी हो गए हैं, जहां शॉट खेलना काफी आसान होता है और जब भी उन्हें इंटरनेशनल क्रिकेट में मुश्किल हालात का सामना करना पड़ेगा, तो उन्हें परेशानी हो सकती है।
हर पिच हाई-स्कोरिंग मैचों के लिए नहीं होती
अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि IPL में जैसी बेहतरीन बैटिंग पिचें देखने को मिलती हैं, वैसी पिचें यहां नहीं थीं, और उन्हें यहां खेले गए क्रिकेट का लेवल बहुत पसंद आया। उन्होंने आगे कहा कि भारतीय बैटिंग लाइन-अप के ज्यादातर खिलाड़ी सीधे IPL से आए हैं। इंटरनेशनल लेवल पर उनकी असली परख तब होगी जब वे ऐसी पिचों पर खेलेंगे जो बैटिंग के लिए पूरी तरह से आसान नहीं होतीं। बेशक, IPL की वजह से बैटिंग लाइन-अप में सुधार हुआ है, लेकिन जब उन्हें ऐसी पिचें मिलेंगी जहां गेंद को मूवमेंट और गेंदबाजों को मदद मिलेगी, तो उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। अश्विन ने कहा कि युवा बल्लेबाजों के विकास के लिए चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां जरूरी हैं और आखिरकार ये उन्हें इंटरनेशनल क्रिकेट के लिए बेहतर ढंग से तैयार करेंगी, जहां हर पिच हाई-स्कोरिंग मुकाबलों के लिए नहीं बनी होती।
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